Vishwa Hindi Sammelan- विश्व हिंदी सम्मेलन/ 12वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन

Contents hide

विश्व हिंदी सम्मेलन का परिचय

आज़ादी के पूर्व से ही हिन्दी के सम्यक प्रचार-प्रसार के लिए सम्मेलनों का आयोजन किया जाता रहा है। हिन्दी साहित्य सम्मेलन जैसे कई संस्थाओं द्वारा करवाए जाने वाले आयोजन इसके उदाहरण हैं। किंतु अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा का सबसे बड़ा सम्मेलन ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ है। इस सम्मेलन में पूरी दुनिया से हिंदी विद्वान, साहित्यकार, पत्रकार तथा हिंदी प्रेमी एकत्र होते हैं।

सर्वप्रथम सन् 1973 में ‘राष्ट्रभाषा प्रचार समिति’ (वर्धा) की कार्यकारिणी ने ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया।

विश्व हिन्दी सम्मेलन का आयोजन क्यों किया जाता है? / विश्व हिन्दी सम्मेलन का उद्देश्य

विश्व हिन्दी सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर हिन्दी के प्रति जागरूकता पैदा करने, रुझान उत्पन्न करने, समय- समय पर हिन्दी की विकास यात्रा का मूल्यांकन करने, रचनाकार एवं पाठक दोनों के स्तर पर हिन्दी साहित्य के प्रति सरोकारों को और दृढ़ करने, समाज एवं जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहन देने तथा हिन्दी के प्रति प्रवासी भारतीयों के भावुकतापूर्ण व महत्वपूर्ण रिश्तों को और अधिक गहराई और मान्यता प्रदान करना है।

पहला विश्व हिन्दी सम्मेलन

पहला विश्व हिन्दी सम्मेलन 10- 14 जनवरी 1975 ई. में ‘राष्ट्रभाषा प्रचार समिति’ (वर्धा) के सहयोग से नागपुर में आयोजित किया गया था।

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन में राष्ट्रीय आयोजन समिति के अध्यक्ष तत्कालीन उपराष्ट्रपति बी.डी.जत्ती थे।

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन के समय ‘राष्ट्रभाषा प्रचार समिति’ (वर्धा) के अध्यक्ष श्री मधुकर राव चौधरी थे, जो उस समय महाराष्ट्र सरकार में वित्त नियोजन एवं अल्प बचत मंत्री थे।

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन के मुख्य अतिथि मॉरिशस के प्रधानमंत्री श्री शिवसागर रामगुलाम थे। उनकी अध्यक्षता में मॉरिशस से आए एक प्रतिनिधि मण्डल ने भी सम्मेलन में भाग लिया था।

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन का बोध/ध्येय वाक्य था- ”वासुधैव कुटुंबकम्”

प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन में 30 देशों के कुल 122 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन में पारित प्रस्ताव

1- संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में
स्थान दिया जाए।
2- वर्धा में विश्व हिंदी विद्यापीठ की स्थापना हो।
3- विश्व हिंदी सम्मेलनों को स्थायित्व प्रदान करने के लिये अत्यंत विचारपूर्वक एक योजना बनाई जाए।

प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन के अध्यक्ष शिवसागर रामगुलाम (मॉरिशस) ने ‘विश्व हिंदी सचिवालय’ की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन

12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन 15-17 फरवरी 2023 को फिजी देश के नांडी शहर में माना जा रहा है।

12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन के लिए विदेश मंत्रालय ही नोडल मंत्रालय है।

सम्मेलन का आयोजन स्थल- देनाराऊ आइलैंड कन्वेंशन सेंटर, नांदी, फिजी है।

12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन का मुख्य विषय- ”हिन्दी-पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम मेधा तक”

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद द्वारा ‘गगनांचल’ पत्रिका का विशेष अंक निकाला जाएगा जो 12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन को समर्पित होगा।

12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन के लिए उपयुक्त ‘लोगो’ हेतु 75 हजार रुपये की राशि का पुरस्कार भी रखा गया था।

12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन के लिए एक अलग से website – vishwahindisammelan नाम से तैयार की गई है। जिस पर सम्मेलन संबंधी सभी सूचनाओं को देखा जा सकता है।

12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन का उद्घाटन 15 फ़रवरी को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया।

विश्व हिन्दी सम्मेलन संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य-

शुरुआती समय में विश्व हिन्दी सम्मेलन प्रत्येक चार वर्ष पर एक बार मनाया जाता था लेकिन अब यह अंतराल घटाकर 3 वर्ष कर दिया गया है।

विश्व हिन्दी सम्मेलन की आरंभिक पहल 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी।

पहले विश्व हिन्दी सम्मेलन में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी विनोबा भावे ने अपना विशेष शुभकामना संदेश भेजा था।

संयुक्त राष्ट्र संघ की छः आधिकारिक भाषाएँ हैं- अंग्रेज़ी, रूसी, चीनी (मंदारिन), फ्रेंच, स्पेनिश और अरबी।

12 नवंबर, 2002 ई. को मॉरिशस की संसद ने एक अधिनियम पारित करके ‘विश्व हिंदी सचिवालय’ की स्थापना की। इस अधिनियम को कार्यरूप देने के लिये मॉरिशस और भारत सरकार के मध्य एक समझौते पर 21 नवंबर, 2003 ई. को हस्ताक्षर हुए। वर्तमान में भारत और मॉरिशस के कला एवं संस्कृति मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के अधिकारी एवं विद्वान इसका संचालन करते हैं।

10 जनवरी को प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन की शुरुआत होने के कारण 10 जनवरी को ‘विश्व हिन्दी दिवस’ मनाया जाता है।

विश्व हिन्दी सम्मेलन का अब तक सबसे अधिक बार आयोजन भारत में तीन बार और उसके बाद मॉरिशस में दो बार किया गया है।

विश्व हिन्दी सम्मेलनों का विवरण

सम्मेलन क्रम सम्मेलन तिथि सम्मेलन देश सम्मेलन नगर
पहला10 से 14 जनवरी, 1975भारतनागपुर
दूसरा28 से 30 अगस्त, 1976मॉरिशसपोर्ट लुई
तीसरा28 से 30 अक्तूबर, 1983भारतनई दिल्ली
चौथा02 से 04 दिसंबर, 1993मॉरिशसपोर्ट लुई
पाँचवाँ04 से 08 अप्रैल, 1996त्रिनिदाद एवं टोबैगोपोर्ट ऑफ स्पेन
छठा14 से 18 सितंबर, 1999यूनाइटेड किंगडमलंदन
सातवाँ05 से 09 जून, 2003सूरीनामपारामारिबो
आठवाँ13 से 15 जुलाई, 2007अमेरिकान्यूयॉर्क
नौवाँ21 से 24 सितंबर, 2012दक्षिण अफ्रीकाजोहांसबर्ग
दसवाँ10 से 12 सितंबर, 2015भारतभोपाल
ग्यारहवाँ18 से 20 अगस्त, 2018मॉरिशसपोर्ट लुई
बारहवाँ15 से 17 फरवरी 2023फिजीनाडी

विश्व हिन्दी सम्मेलन कैसा सम्मेलन है?

अंतर्राष्ट्रीय

विश्व हिन्दी सम्मेलन का उद्देश्य क्या है?

विश्व हिन्दी सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर हिन्दी के प्रति जागरूकता पैदा करने, रुझान उत्पन्न करने, समय- समय पर हिन्दी की विकास यात्रा का मूल्यांकन करने, रचनाकार एवं पाठक दोनों के स्तर पर हिन्दी साहित्य के प्रति सरोकारों को और दृढ़ करने, समाज एवं जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहन देने तथा हिन्दी के प्रति प्रवासी भारतीयों के भावुकतापूर्ण व महत्वपूर्ण रिश्तों को और अधिक गहराई और मान्यता प्रदान करना है।

विश्व हिन्दी सम्मेलन क्यों मनाया जाता है?

विश्व हिन्दी सम्मेलन वैश्विक स्तर पर हिन्दी के प्रति जागरूकता पैदा करने, रुझान उत्पन्न करने, समय- समय पर हिन्दी की विकास यात्रा का मूल्यांकन करने, रचनाकार एवं पाठक दोनों के स्तर पर हिन्दी साहित्य के प्रति सरोकारों को और दृढ़ करने, समाज एवं जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहन देने तथा हिन्दी के प्रति प्रवासी भारतीयों के भावुकतापूर्ण व महत्वपूर्ण रिश्तों को और अधिक गहराई और मान्यता प्रदान करने हेतु मनाया जाता है।।

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन कब मनाया गया?

10-14 जनवरी 1975

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन मनाने का सुझाव किसका था?

‘राष्ट्रभाषा प्रचार समिति’ (वर्धा)

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन कहाँ मनाया गया था?

नागपुर, भारत

अब तक कितने विश्व हिन्दी सम्मेलन मनाए गए हैं?

12

12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन कहाँ मनाया गया?

नाडी, फिजी

12 वें विश्व हिन्दी सम्मेलन का विषय क्या था?

”हिन्दी-पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम मेधा तक”

12 वाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन कब मनाया गया?

15-17 फरवरी 2023

Leave a Comment

error: Content is protected !!