UGC NET Hindi Solved Paper December 2007

UGC NET Hindi Solved Paper December 2007

निर्देश : इस प्रश्न पत्र में पचास (50) बहु-विकल्पीय प्रश्न हैं प्रत्येक प्रश्न के दो (2) अंक हैं। सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. आचार्य शुक्ल केअनुसार हिन्दी साहित्य का आविर्भाव कब से माना जाता है ?
    (1) प्राकृत से
    (2) संस्कृति से
    (3) प्राकृत की अंतिम अपभ्रंश अवस्था से
    (4) पालि से
    उत्तर (3)
  2. अपभ्रंश के प्रथम महाकवि कौन थे ?
    (1) हेमचन्द्र
    (2) रामचन्द्र
    (3) सोमप्रभ सूरी
    (4) स्वयंभू
    उत्तर (4)
  3. हिन्दी का प्रथम महाकाव्य कौन-सा है ?
    (1) पृथ्वीराज विजय
    (2) रामचरित मानस
    (3) पृथ्वीराज रासो
    (4) पद्मावत
    उत्तर (3)
  4. ‘आल्हाखंड’ किसने लिखा ?
    (1) अमीर खुसरों
    (2) नरपति नाल्ह
    (3) जगनिक
    (4) चंदबरदायी
    उत्तर (3)
  5. इनमें से हिन्दी साहित्य का इतिहास किसने नहीं लिखा?
    (1) नगेन्द्र
    (2) लक्ष्मीसागर वर्ष्णेय
    (3) रामकुमार वर्मा
    (4) बच्चन सिंह
    उत्तर (1)
  6. ‘बारह बरस लौ कुकर जीवै, अरू तेरह लौ जियै सियार
    बरस अट्ठारह क्षत्रिय जीवै, आग जीवन कोधिक्कार ।।
    (1) खुमाण रासो
    (2) हम्मीर रासा
    (3) पृथ्वीराज रासो
    (4) परमाल रासो
    उत्तर (4)
  7. इनमें से कौन-सी राजस्थानी की बोली नहीं है ?
    (1) मारवाड़ी
    (2) मेवाती
    (3) बुन्देली
    (4) मालवी
    उत्तर (3)
  8. ‘करम’ शब्द की व्युत्पत्ति किस प्रक्रिया से हुई ?
    (1) अर्द्ध तत्सम
    (2) तत्सम
    (3) तद्भव
    (4) ऋण – अनुवाद
    उत्तर (3)
  9. ‘स्वाभाविक’,’स्वागत’-इन दोनों में कौन-सा’ उपसर्ग है?
    (1) दोनों ‘स्व’ है
    (2) दोनों में ‘सु’ है
    (3) दोनों में क्रमशः ‘स्व’ और ‘सु’ है
    (4) दोनों में क्रमशः ‘सु’ और ‘स्व’ है
    उत्तर (3)
  10. हिन्दी का पहला दैनिक समाचार पत्र कौन-सा था?
    (1) बंग दर्शन
    (2) समाचार सुधावर्षण
    (3) भारत मित्र
    (4) उदन्त मार्तण्ड
    उत्तर (2)
  11. ‘अमिय हलाहल मद भरे, सेत स्याम रतनार जियत भरत झुकि झुकि परत, जेहि चितवत इक बार।’ इन काव्य पंक्तियों के कवि हैं –
    (1) बिहारी
    (2) घनानन्द
    (3) रसलीन
    (4) मतिराम
    उत्तर (3)
  12. इनमें से किस कवि ने लक्षण ग्रंथ नहीं लिखा ?
    (1) देव
    (2) भूषण
    (3) पद्मारक
    (4) बिहारी
    उत्तर (4)
  13. ‘बरवै नायिका भेद’ का रचनाकार कौन है ?
    (1) रहीम
    (3) बिहारी
    (2) रसलीन
    (4) मतिराम
    उत्तर (1)
  14. इनमें से कौन वैष्णव भक्ति का आचार्य नहीं है ?
    (1) वल्लभाचार्य
    (2) शंकराचार्य
    (3) मध्वाचार्य
    (4) रामानुजाचार्य
    उत्तर (2)
  15. इनमें से काशी नागरी प्रचारिणि सभा के संस्थापकों में कौन नहीं है ?
    (1) बाबू श्याम सुन्दर दास
    (2) शिवकुमार सिंह
    (3) रामचन्द्र शुक्ल
    (4) रामनारायण मिश्र
    उत्तर (3)
  16. ‘साहित्य जन समूह के हृदय का विकास है।’ यह परिभाषा किसकी है ?
    (1) भारतेन्दु हरिश्चंद्र
    (2) महावीर प्रसाद द्विवेदी
    (3) बालकृष्ण भट्ट
    (4) हजारी प्रसाद द्विवेदी
    उत्तर (3)
  17. प्रसाद कृत ‘प्रलय की छाया’ की विषयवस्तु के केन्द्र में है –
    (1) महाराणा प्रताप का पराभव
    (2) पद्मिनी का अग्निदाह
    (3) रानी कमलावती का पश्चाताप
    (4) जल प्रलय
    उत्तर (3)
  18. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना उपन्यास नहीं है?
    (1) रात का रिपोर्टर
    (2) पश्चन्ती
    (3) विषाद मठ
    (4) अजय की डायरी
    उत्तर (2)
  19. ‘शीलवती’ सुरेन्द्र वर्मा के किस नाटक की पात्र है ?
    (1) सेतुबन्ध
    (2) सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक
    (3) आठवां सर्ग
    (4) द्रोपदी
    उत्तर (2)
  20. प्रयोगवाद को ‘बैठे ठाले का धन्धा’ किस आलोचक ने कहा ?
    (1) नन्द दुलारे वाजपेयी
    (2) रामविलास शर्मा
    (3) शिवदान सिंह चौहान
    (4) नामवर सिंह
    उत्तर (1)
    निर्देश : (प्रश्न संख्या 21 से 27 तक) : दी स्थापनाओं (Assertions) और तर्कों (Reasons)को ध्यानपूर्वक पढ़े और बहुविकल्पीय उत्तरों में से सही उत्तर का चयन करें।
  21. स्थापना (Assertion) (A) : कविता मनुष्य केहृदय को स्वार्थ सम्बन्धों के संकुचित दायरे से ऊपर उठाकर लोक-सामान्य-भाव पर प्रतिष्ठित करती है।
    तर्क (Reason) (R) क्योंकि कविता संकुचित आत्म और प्रशस्त लोक का समन्वय है।
    विकल्प :
    (1) (A) गलत (R) गलत
    (2) (A) सही (R) सही
    (3) (A) सही (R) गलत
    (4) (A) गलत (R) सही
    उत्तर (3)
  22. स्थापना (Assertion) (A) : काव्यभाषा को सहज होना चाहिये और उसे वैचित्य वक्रता, अलंकार आदि के आडम्बर से मुक्त होना चाहिए।
    तर्क (Reason) (R) : अलंकार, उक्ति वैचित्य का प्रयोग श्रेष्ठ कवि ही कर सकते हैं।
    विकल्प :
    (1) (A) सही (R) गलत
    (2) (A) गलत (R) गलत
    (3) (A) सही (R) सही
    (4) (A) गलत (R) सही
    उत्तर (1)
  23. स्थापना (Assertion) (A) : मिथक जातीय स्मुति पर आधारित होते हैं।
    तर्क (Reason) (R) : इसीलिये मिथक को विकसनशीन माना गया हैं।
    विकल्प :
    (1) (A) गलत (R) गलत
    (2) (A) गलत (R) सही
    (3) (A) सही (R) गलत
    (4) (A) सही (R) सही
    उत्तर (4)
  24. स्थापना (Assertion) (A) : तुलसी के मत में –
    ‘निर्गुण रूप सुलभ अति, सगुन जान नहिं कोई ।
    सुगम अगम नाना चरित, सुनि मुनि-मन भ्रम होई ।।’
    तर्क (Reason) (R) : क्योंकि सगुण साकार को उपासना और अनुभव के दायरे में लाना सहज है,जबकि निर्गुण-निराकार की उपासना और अनुभूति नितान्त कठिन ।
    विकल्पः
    (1) (A) सही (R) सही
    (2) (A) सही (R) गलत
    (3) (A) गलत (R) गलत
    (4) (A) गलत (R) सही
    उत्तर (3)
  25. स्थापना (Assertion) (A) : प्रयोगवाद केवल शिल्प का चमत्कार है।
    तर्क (Reason) (R) : क्योंकि प्रयोगवादी कविता में कई नए शिल्पगत प्रयोग किये गये ।
    विकल्पः
    (1) (A) गलत (R) सही
    (2) (A) सही (R) सही
    (3) (A) सही (R) गलत
    (4) (A) गलत (R) गलत
    उत्तर (1)
  26. स्थापना (Assertion) (A) : अनुभव की प्रामाणिकता दलित और स्त्री-लेखनकी मूल शर्त है।
    तर्क (Reason) (R) : क्योंकि साहित्यकार वर्ग चेतना से प्रतिबद्ध होता है।
    विकल्पः
    (1) (A) सही (R) सही
    (2) (A) गलत (R) सही
    (3) (A) सही (R) गलत
    (4) (A) सही (R) सही
    उत्तर (1)
  27. स्थापना (Assertion) (A) : जैसे विश्व में विश्वात्मा की अभिव्यक्ति होती है वैसे ही नाटक में रस की।
    तर्क (Reason) (R) : क्योंकि प्रेक्षक नाटक में आद्यन्त रक्षा का अनुभव करता है।
    विकल्पः
    (1) (A) सही (R) गलत
    (2) (A) गलत (R) गलत
    (3) (A) गलत (R) सही
    (4) (A) सही (R) सही
    उत्तर (4)
  28. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म संगत है?
    (1) विषाद मठ – अमृत लाल नागर
    (2) विश्वबाहु परशुराम -चतुरसेन शास्त्री
    (3) अतिम अरण्य – निर्मल वर्मा
    (4) मय्यादास की माड़ी -मोहन राकेश
    उत्तर (3)
  29. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म असंगत है ?
    (1) तिरस्कृत – मोहनदास नैमिषराय
    (2) हादसे – रमणिका गुप्ता
    (3) अन्या से अनन्या – प्रभा खेतान
    (4) जूठन – ओम प्रकाश वाल्मीक
    उत्तर (1)
  30. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म संगत है ?
    (1)आह वेदना मिली विदाई : जयशंकर प्रसाद
    (2) सखि वे मुझ से कहकर जाते : महादेवी वर्मा
    (3) एक बार बस और नाच तू श्याम : सुमित्रानन्दन पंत
    (4) दुःख सबको मांजता है : निराला
    उत्तर (1)
  31. प्रकाशन काल की दृष्टि से सही अनुक्रम है
    (1) चित्रलेखा, सन्यासी, निर्मला, न आने वाला कल
    (2) निर्मला, चित्रलेखा, सन्यासी, न आने वाला कल
    (3) न आने वाला कल, चित्रलेखा, निर्मला, सन्यासी
    (4) संन्यासी, चित्रलेखा, निर्मला, न आने वाला कल
    उत्तर (2)
  32. कालक्रम की दृष्टि से निम्नलिखित कहानियों का सही अनुक्रम है :
    (1) मिठाईवाला, वापसी, यक्षेगान, इन्दुमति
    (2) वापसी, यक्षगान, मिठाईवाला, इन्दुमति
    (3) इन्दुमति, मिठाईवाला, वापसी, यक्षगान
    (4) यक्षगान, इन्दुमति, वापसी, मिठाईवाला
    उत्तर (3)
  33. कालक्रम की दृष्टि से निम्नलिखित पत्रिकाओं का सही अनुक्रम है :
    (1) सुधा, रूपाभ, कृति, हिन्दी प्रदीप
    (2) हिन्दी प्रदीप, सुधा, रूपाभ, कृति
    (3) रूपाभ, कृति, हिन्दी प्रदीप, सुधा
    (4) कृति, हिन्दी प्रदीप, सुधा, रूपाभ
    उत्तर (2)
  34. कालक्रम की दृष्टि से लक्ष्मीनारायण लाल के नाटकों का सही अनुक्रम क्या है ?
    (1) कलंकी, बलराम की तीर्थ यात्रा, अंधा कुंआ, मादा कैक्टस
    (2) मादा कैक्टस, अंधा कुंआ, बलराम की तीर्थयात्रा, कलंकी
    (3) कलंकी, मादा कैक्टस, अंधा कुंआ, बलराम की तीर्थयात्रा
    (4) अंधा कुंआ, मादा कैक्टस, कलंकी, बलराम की तीर्थयात्रा
    उत्तर (4)
  35. निम्नलिखित ग्रंथों के प्रकाशन का सही अनुक्रम क्या है?
    (1) बाणभट्ट की आत्मकथा, चारूचन्द्रलेख, पुनर्नवा, अनामदास का पोथा
    (2) अनामदास का पोथा पुनर्नवा, बाणभट्ट की आत्मकथा, चारूचन्द्रलेख
    (3) पुनर्नवा, अनामदास का पोथा, चारूचन्द्रलेख,बाणभट्ट की आत्मकथा
    (4) चारुचन्द्रलेख, बाणभट्ट की आत्मकथा, अनामदास का पोथा, पुनर्नवा
    उत्तर (1)
  36. निम्नलिखित संस्थाओं की स्थापना का सही अनुक्रम क्या है ?
    (1) हिन्दी साहित्य सम्मेलन, काशी नागरी प्रचारिणी सभा, केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा
    (2) हिन्दी साहित्य सम्मेदक्षिण : काशी नागरी प्रचारिणी सभा, केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा
    (3) हिन्दी साहित्य सम्मेलन, काशी नागरी प्रचारिणी सभा, हिन्दी साहित्य, केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा
    (4) हिन्दी साहित्य सम्मेलन, काशी नागरी प्रचारिणी सभा,केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा
    उत्तर (3)
  37. इतिहास की दृष्टि से हिन्दी महाकाव्यों का सही अनुक्रम क्या है ?
    (1) साकेत, लोकायतन, प्रियप्रवास, कामायनी
    (2) प्रियप्रवास, कामायनी, साकेत, लोकायतन
    (3) प्रियप्रवास, साकेत, कामायनी, लोकायतन
    (4) लाकायतन, कामायनी, प्रियप्रवास, साकेत
    उत्तर (3)
  38. निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को उनकी भाषा के साथ सुमेलित कीजिए :
    सूची-I सूची-II
    (a) का पूछहु तु धातु, निछोही (i) अपभ्रंश
    जो गुरू कीनि अंतरपट ओही
    (b) ढोला मारिया ढिल्लिी मह (ii) ब्रज
    मुच्छिउ मेच्छ सरीर
    (c) जो माँगहु सो देहुँ मनोहर (iii) गढ़वाली
    यहै बात तेरी खोटी
    (d) उसकी चोटी सटकाई लख (iv) अवधी
    नगिन अपनी केंचली छोड सटक गई
    (v) खड़ी बोली
    कोड :
    (a) (b) (c) (d)

(1) (iii) (iv) (i) (v)

(2) (iv) (i) (ii) (v)

(3) (i) (iv) (v) (ii)

(4) (ii) (iii) (i) (iv)
उत्तर (2)

  1. निम्नलिखित काव्य ग्रंथों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए:
    सूची-I सूची-II
    (a) हित तांगिध्सर (i) रहीम
    (b) प्रेमवाटिका (ii) रसलीन
    (c) मदनाष्टक (iii) कृपाराम
    (d) अंगदर्पण (iv) रखखान
    (v) बिहारी
    कोड :
    (a) (b) (c) (d)

(1) (iii) (iv) (i) (ii)

(2) (i) (v) (iii) (iv)

(3) (iv) (ii) (i) (v)

(4) (ii) (v) (iii) (i)
उत्तर (1)

  1. निम्नलिखित बोलियों को उनके भौगोलिक क्षेत्र के साथ सुमेलित कीजिए:
    सूची-I सूची-II
    (a) हडौती (i) उत्तराखण्ड
    (b) बघेली (ii) उत्तर प्रदेश
    (c) गढ़वाली (iii) राजस्थान
    (d) कन्नौजी (iv) मध्य प्रदेश

कोड :
(a) (b) (c) (d)

(1) (v) (i) (ii) (iii)

(2) (iii) (iv) (ii) (i)

(3) (iii) (iv) (i) (ii)

(4) (iv) (i) (v) (ii)
उत्तर (3)

  1. निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
    सूची-I सूची-II
    (a) सजनि मधुर निजत्व, (i) जयशंकर प्रसाद
    दे कैसे मिलू अभिमानिनी मैं

(b) प्रिय के हान लगाए जागी, (ii) सुमित्रानंदन पंत
ऐसी मैं तो गई अभागी

(c) तू अब तक सोई है आली, (iii) सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’
आंखों में भरे विहागरी

(d)कौन तुम रूपसि कौन, (iv) महादेवी वर्मा
व्योम से उतर रही चुपचाप
(v) विद्यावतीकोकिल
कोड :
(a) (b) (c) (d)

(1) (v) (iii) (ii) (i)

(2) (iv) (iii) (i) (ii)

(3) (i) (ii) (iii) (v)

(4) (v) (ii) (i) (iii)
उत्तर (2)

  1. इन कथनों के साथ उनके अलंकारों को सुमेलित
    कीजिए :
    सूची-I सूची-II
    (a) वह आदमी नहीं हैवान है (i) उत्प्रेक्षा
    (b) वे तो मानों देवता है (ii) रूपक
    (c) कहीं यह उसकी चाल तो नहीं (iii) भ्रांतिमान
    (d) आप तो साक्षात इन्द्र है (iv) विरोधाभास
    (v) अपन्हुति

कोड :
(a) (b) (c) (d)

(1) (iv) (v) (ii) (i)

(2) (iii) (i) (iv) (v)

(3) (ii) (iv) (v) (iii)

(4) (v) (i) (iii) (ii)
उत्तर (4)

  1. निम्नलिखित विधि के क्रिया रूपों को उनकी बोली
    के साथ सुमेलित कीजिए :
    सूची-I सूची- II
    (a) करो (i) अपभ्रंस
    (b) करहु (ii) भोजपुरी
    (c) करौ (iii) अवधी
    (d) करा (iv) बांगरू
    (v) ब्रज
    कोड :
    (a) (b) (c) (d)

(1) (iv) (iii) (v) (i)

(2) (v) (i) (iii) (iv)

(3) (ii) (iii) (iv) (v)

(4) (i) (v) (ii) (iii)
उत्तर (1)

  1. निम्नलिखित पंक्तियों को उनके लेखकों के साथ
    सुमेलित कीजिए :
    सूची-I सूची-II
    (a) अब अभिव्यक्ति के सारे (i) अज्ञेय
    खतरे उठाने ही होंगे
    (b)सबने अलग-अलग संगीत (ii) महादेवी
    सुना
    (c) नयन में जिसके जलद निराला (iii) निराला
    वह तृषित चातक हूँ
    (d) अशनि पात से शायित उन्नत (iv) मुक्तिबोध
    शत-शत वीर
    (v) कुंवर नारायण

कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (i) (iii) (ii) (v)

(2) (iv) (i) (v) (ii)

(3) (iv) (i) (ii) (iii)

(4) (iii) (v) (iv) (i)
उत्तर (3)

  1. निम्नलिखित शब्दों को उनके समास के साथ सुमेलित कीजिए :
    सूची-I सूची-II
    (a) वनवास (i) कर्मधारय
    (b) दान-पुण्य (ii) अव्ययी भाव
    (c) त्रिनेत्र (iii) द्वन्द्व
    (d) यथाविधि (iv) बहुव्रीहि
    (v) तत्पुरुष
    कोड :
    (a) (b) (c) (d)

(1) (iii) (ii) (v) (i)

(2) (v) (iii) (iv) (ii)

(3) (v) (ii) (iii) (i)

(4) (i) (iv) (iii) (v)
उत्तर (2)
निर्देश : (प्रश्न संख्या 46 से 50 तक) निम्नलिखित गद्य अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उससे सम्बन्धित उत्तरों के लिये दिये गये बहु विकल्पों में
से सही विकल्प का चुनाव करें।
मनीषियों के मन में इस आदर्श का रूप बहुत ही उदार था, पर व्यवहार में मनुष्य की उदारता केवल एक ही राष्ट्र के मनुष्यों की मुक्ति तक सीमित होकर रह गई। धीरे-धीरे राष्ट्रीयता नामक देवी का जन्म हुआ। यह एक हद तक प्रगतिशील विचारों की ही उपज थी। हमारे देश में भी नये जीवन-साहित्य के स्पर्श से नवीन जीवन आदर्श जाग पड़े। मानवतावाद भी आया, दलितों, अधः पतितों और अपेक्षितों के प्रति सहानुभूति का भाव भीआया, और साथ ही साथ राष्ट्रीयता भीआई । पश्चिमी देशों में राष्ट्रीय भावना के बहुत प्रचार केएक राष्ट्र के भीतर सुविधाभोगी और सुविधा के जुटाने वाले दो वर्गों के व्यवधान को बढ़ाने सहायता पहुँचाइ। जिन लोगों के पास सम्पतित है और जिनके पास सम्पत्ति नहीं है, उनका अन्तर भयंकर होता गया। एक तरफ तो विषमता बढ़ती गयी और दूसरी तरफ राष्ट्रीयता की देवी युवावस्था की देहली पर पहुँच कर ऐसी इर्ष्यालु रमणी साबित हुई, जो सारे परिवार को ही ले डूबती है। इन विकृति विचारों ने ठाँय-ठाँय दो महायुद्धों को भू-पृष्ठ पर उतार दिया। इस प्रकार मनुष्यता की महिमा भी विकृत रूप में भयंकर हो उठी।

  1. मानवता के उदय का प्रेरणा स्रोत क्या था ?
    (1) मानवता को शोषण और बन्धन से मुक्त कराना
    (2) मानव के लिये सुख-सुविधाएँ जुटाना
    (3) मानवता को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट करना
    (4) मनुष्य के मन में राष्ट्रीय भावना जगाना
    उत्तर (1)
  2. राष्ट्रीयता का जन्म कैसे हुआ ?
    (1) जब आधुनिक युग में देश राष्ट्र का रूप लेने लगे।
    (2) जब मानवता के स्थान पर राष्ट्रीयता का महत्व बढ़ गया ।
    (3) जब उदार मानवतावाद एक राष्ट्र की परिधि में सीमित हो गया।
    (4) जब लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हो गयी।
    उत्तर (3)
  3. संकुचित राष्ट्रीय भावना का दुष्परिणाम क्या निकला ?
    (1) आन्तरिक कलह के कारण कई राष्ट्रों का बँटवारा होता गया
    (2) राष्ट्रीयता ने मानवता की भावना को कुचल दिया।
    (3) राष्ट्रों में, परस्पर श्रेष्ठता की होड़ लग गई।
    (4) मानवता, धनी और निर्धन दो वर्गों में बँट गयी
    उत्तर (4)
  4. मनुष्यता की महिमा किन कारणों से विकृत हो उठी ?
    (1) संकुचित राष्ट्रीय भावना और परिणामतः महायुद्ध ।
    (2) राष्ट्रों की अतिशय महत्वाकांक्षाएँ ।
    (3) मानव मूल्यों का हास और राष्ट्रों का विघटन ।
    (4) मनुष्य के शोषण के प्रति बढ़ता हुआ रूझान ।
    उत्तर (1)
  5. उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक बताइये :
    (1) मानवतावादी राष्ट्रीय भावना ।
    (2) राष्ट्रीय भावना के विविध रूप ।
    (3) मानवता से राष्ट्रीयता की ओर।
    (4) राष्ट्रीयता से मानवता की ओर।
    .उत्तर (3)

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