NET JRF Hindi Solved Paper – 2 November 2017 – नेट जेआरएफ़ हिन्दी हल प्रश्न पत्र

NET JRF Hindi Solved Paper – 2 November 2017 – नेट जेआरएफ़ हिन्दी हल प्रश्न पत्र

1. निम्नलिखित में से किस भाषा का विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ ?

(1) गुजराती

(2) पंजाबी

(3) मराठी

(4) सिन्धी

उत्तर (1)

2. ‘शिवसिंह-सरोज’ का प्रकाशन कब हुआ?

(1) 1862 ई.

(2) 1870 ई.

(3) 1883 ई.

(4) 1888 ई.

उत्तर (3)

3. आदिकालीन काव्यग्रंथों में कथा कहने की परंपरा को लक्ष्य करके ‘पृथ्वीराजरासो’ के संदर्भ में किस आलोचक ने लिखा है – “कथा की परीक्षा इतिहास की दृष्टि से नहीं, काव्य की दृष्टि से होनी चाहिए। पुरानी कथाएँ काव्य ही अधिक हैं, इतिहास वे एकदम नहीं हैं।

(1) मुनि जिनविजय

(2) राहुल सांकृत्यायन

(3) हजारी प्रसाद द्विवेदी

(4) विश्वनाथ प्रसाद मिश्र

उत्तर (3)

4. आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार चौदहवी-पंद्रहवीं शताब्दी हिन्दुओं-मुसलमानों, सामंतों, शहरों, सेना के सिपाहियों और लड़ाइयों का जीवंत और यथार्थ वर्णन किस कृति में हुआ है?

(1) हम्मीर काव्य

(2) कीर्तिपताका

(3) कीर्तिकौमुदी

(4) कीर्तिलता

उत्तर (4)

5. ‘सगुनहि अगुनहि नहिं कछु भेदा’ – इस तथ्य को तुलसीदास ने किसके द्वारा कहलवाया है?

(1) शिव

(2) काग भुसुंडि

(3) भरद्वाज 

(4) तुलसीदास की स्वयं उक्ति

उत्तर (1)

6. वल्लभाचार्य की मृत्यु के बाद किसने कहा था- ‘पुष्टिमार्ग का जहाज जात है सो जाको कछु  लेनो हो सो लेउ ।’

(1) सूरदास

(2) छीत स्वामी

(3) नन्ददास

(4) विठ्ठलनाथ

उत्तर (4)

7. ”सूरसागर’ में जगह-जगह दृष्टिकूट वाले पद मिलते हैं। यह भी विद्यापति का अनुकरण है।” सूरदास से संबंधित उक्त विचार किस आलोचक का है ?

(1) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(2) वृजेश्वर वर्मा

(3) रामचंद्र शुक्ल

(4) हरवंशलाल वर्मा

उत्तर (3)

8. “हय रथ पालकी गयंद गृह ग्राम चारु

आखर लगाय लेत लाखन के सामा हौं।”

यह उक्ति किस कवि की है ?

(1) मतिराम

(2) देव 

(3) कुलपति मिश्र

(4) पद्माकर

उत्तर (4)

9. सावन आवन हेरि सखी, मनभावन-आवन-चोप बिसेखी । छाए कहूँ घन आनंद जान सम्हारि की ठोर लै भूलनि लेखी । बूंदें लगैं सब अंग दगैं उलटी गति आपने पापनि पेखी। पौन सों जागति आगि सुनी ही पै पानि तें लागति आँखिन देखी ।।” इस सवैया में विरहिणी नायिका की किस मनः स्थिति चित्रण किया गया है?

(1) पुलक

(2) रोमांच

(3) मार्मिक स्थिति

(4) संकोच

उत्तर (3)

10. “प्रिय की सुधि-सी ये सरिताएँ, ये कांतार सुसज्जित। मैं तो नहीं, किन्तु है मेरा हृदय किसी प्रियतम से परिचित। जिसके प्रेमपत्र आते हैं प्रायः सुख-संवाद- सन्निहित ।” उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ किस कवि की हैं ?

(1) आयोध्यासिंह ‘हरिऔध’

(2) रामनरेश त्रिपाठी

(3) मैथिलीशरण गुप्त

(4) लाल भगवानदीन

उत्तर (2)

11. ‘नाटक जारी है’ काव्य-संग्रह के रचयिता हैं-

(1) चंद्रकांत देवताले

(2) श्रीकांत वर्मा

(3) धूमिल

(4) लीलाधर जगूड़ी

उत्तर (4)

12. निम्नलिखित में से ‘आग और राग’ का कवि किसे कहा जाता है ?

(1) दिनकर

(2) निराला

(3) पंत

(4) प्रसाद

उत्तर (1)

13. ‘विश्वनाथ प्रसाद’ निम्नलिखित में से किस उपन्यास का पात्र है ?

(1) दीर्घतपा

(2) कितने चौराहे 

(3) मैला आँचल

(4) परती परिकथा

उत्तर (3)

14. बाल, वयः संधि और किशोर मन का  मनोवैज्ञानिक अंकन किस उपन्यास में हुआ है?

(1) शेखर : एक जीवनी

(2) जयवर्धन

(3) संन्यासी 

(4) संघर्ष

उत्तर (1)

15. ‘अ-कहानी’ के प्रमुख प्रवक्ता हैं-

(1) गंगाप्रसाद विमल

(2) महीप सिंह 

(3) मधुकर सिंह

(4) शिवप्रसाद सिंह

उत्तर (1)

16. निम्नलिखित में से कौन-सा नाटक प्रेमचंद का है?

(1) जय पराजय

(2) रुपया तुम्हें खा गया

(3) कृष्णार्जुन युद्ध

(4) कर्बला

उत्तर (4)

17. हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित निबंध संग्रह नहीं है-

(1) नाथ सम्प्रदाय

(2) प्रबंध प्रभाकर

(3) साहित्य का मर्म

(4) लालित्य मीमांसा

उत्तर (2)

18. ‘प्रगतिवाद’ शीर्षक पुस्तक के लेखक हैं-

(1) रामविलास शर्मा

(2) रांगेय राधव

(3) शिवकुमार मिश्र

(4) शिवदान सिंह चौहान

उत्तर (3 और 4)

19. “त्रितयमिदं व्याप्रियते शक्तिर्व्युत्पत्तिरभ्यासः” यह कथन किस आचार्य का है ?

(1) भामह

(2) रुद्रट 

(3) मम्मट

(4) जयदेव

उत्तर (2)

20. निम्नलिखित में से कौन-सा वक्रोक्ति का भेद नहीं है ?

(1) उक्तिविन्यास वक्रता

(2) वर्ण विन्यास वक्रता

(3) पद पूर्वार्ध वक्रता

(4) प्रकरण वक्रता

उत्तर (1)

21. जन्मकाल की दृष्टि से निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है-

(1) नानक, कबीर, सुन्दरदास, दादू

(2) कबीर, नानक, दादू, सुन्दरदास

(3) कबीर, दादू, नानक, सुन्दरदास

(4) नानक, सुन्दरदास, कबीर, दादू

उत्तर (2)

22. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है-

(1) शिराजभूषण, ललितललाम, पद्माभरण, नवरसतरंग

(2) नवरसतरंग, शिवराजभूषण, ललितललाम, पद्माभरण

(3) पद्माभरण, ललितललाम, शिवराजभूषण, नवरसतरंग

(4) ललितललाम, शिवराजभूषण, पद्माभरण, नवरसतरंग

उत्तर (4)

23. जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है-

(1) मैथिलीशरण गुप्त, श्रीधर पाठक, रामनरेश त्रिपाठी, सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला

(2) श्रीधर पाठक, रामनरेश त्रिपाठी, मैथिलीशरण गुप्त, सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला

(3) रामनरेश त्रिपाठी, श्रीधर पाठक, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, मैथिलीशरण गुप्त

(4) श्रीधर पाठक, मैथिलीशरण गुप्त, रामनरेश त्रिपाठी, सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला

उत्तर (4)

24. जन्म काल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है-

(1) बच्चन, अज्ञेय, रघुवीर सहाय, मुक्तिबोध

(2) बच्चन, अज्ञेय, मुक्तिबोध, रघुवीर सहाय

(3) अज्ञेय, बच्चन, मुक्तिबोध रघुवीर सहाय

(4) अज्ञेय, बच्चन, रघुवीर सहाय, मुक्तिबोध

उत्तर (2)

25. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित आत्मकथाओं का सही अनुक्रम है-

(1) नीड़ का निर्माण फिर, जूठन, शिकंजे का दर्द, अपनी खबर

(2) अपनी खबर, नीड़ का निर्माण फिर, जूठन, शिकंजे का दर्द

(3) जूठन, शिकंजे का दर्द, अपनी खबर, नीड़ का निर्माण फिर

(4) शिंकंजे का दर्द, अपनी खबर, नीड़ का निर्माण फिर, जूठन

उत्तर (2)

26. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित कहानी संग्रहों का सही अनुक्रम है-

(1) शरणार्थी, परिन्दे, कामरेड का कोट, डायन

(2) डायन, कामरेड का कोट, परिन्दे, शरणार्थी

(3) परिन्दे, शरणार्थी, डायन, कामरेड का कोट

(4) कामरेड का कोट, डायन, शरणार्थी, परिन्दे

उत्तर (1)

27. कुबेरनाथ राय के निबंध संग्रहों का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही अनुक्रम है-

(1) कामधेनु, मराल, आगम की नाव, गधमादन

(2) गंधमादन, कामधेनु, मराल, आगम की नाव

(3) मराल, आगम की नाव, गंधमादन, कामधेनु

(4) आगम की नाव, गंधमादन, कामधेनु, मराल

उत्तर (2)

28. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से प्रसाद के नाटकों का सही अनुक्रम है-

(1) सज्जन, विशाख, जनमेजय का नागयज्ञ, ध्रुवस्वामिनी

(2) विशाख, ध्रुवस्वामिनी, सज्जन, जनमेजय का नागयज्ञ 

(3) जनमेजय का नागयज्ञ, सज्जन, ध्रुवस्वामीनि, विशाख 

(4) ध्रुवस्वामिनी, जनमेजय का नागयज्ञ, सज्जन, विशाख

उत्तर (1)

29. रससूत्र के व्याख्याकारों का सही अनुक्रम है-

(1) भट्टनायक,भट्टलोल्लट, शंकुक, अभिनवगुप्त

(2) भट्टलोल्लट, शंकुक, अभिनवगुप्त,भट्टनायक

(3) भट्टलोल्लट, शंकुक,भट्टनायक, अभिनवगुप्त

(4) शंकुक, भट्टलोल्लट, भट्टनायक,अभिनवगुप्त

उत्तर (3)

30.निम्नलिखित ग्रंथों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम है-

(1) आलोचना के मान, रसमीमांसा, नयी कविता, नयी कविता और अस्तित्ववाद

(2) रसमीमांसा, आलोचना के मान, नयी कविता, नयी कविता और अस्तित्ववाद

(3) रसमीमांसा, नयी कविता, आलोचना के मान, नयी कविता और अस्तित्ववाद

(4) नयी कविता और अस्तित्ववाद, नयी कविता, आलोचना के मान, रसमीमांसा

उत्तर (2)

31. निम्नलिखित लेखकों को उनकी रचनाओं के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I                            सूची-II

(a) विजयसेन सूरि        (i) रेवन्तगिरि रास

(b) नरपति नाल्ह         (ii) भरतेश्वर बाहुबली रास

(c) शलिभद्र सूरीब        (iii) बीसलदेव रासो

(d) आसगु              (iv) चन्दनवाला रास

                      (v) योगचर्या

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (ii)     (i)      (iv)       (v)

(2)  (i)     (iii)      (ii)       (iv)

(3)  (iv)    (ii)      (iii)       (v)

(4)  (v)     (iv)       (i)      (iii)

उत्तर (2)

32. निम्नलिखित संप्रदायों को उनके प्रवर्तकों के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I                            सूची-II

(a) श्री-संप्रदाय               (i) मध्वाचार्य

(b) ब्राह्म संप्रदाय            (ii) विष्णुस्वामी

(c) रुद्र-संप्रदाय              (iii) रामानुजाचार्य

(d) सनकादि संप्रदाय         (iv) वल्लभाचार्य

                          (v) निम्बार्काचार्य

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (i)      (ii)      (v)       (iv)

(2)  (iii)    (iv)      (i)       (ii)

(3)  (ii)     (i)      (iii)       (iv)

(4)  (iii)    (i)       (ii)       (v)

उत्तर (4)

33. निम्नलिखित प्रबंधकाव्यों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I                                      सूची-II

(a) चंडीचरित्र                          (i) कुलपति मिश्र

(b) द्रोणपर्व (संग्रामसार)                 (ii) रामसिंह

(c) सुजान चरित                       (iii) गोविन्द सिंह

(d) हिम्मत बहादुर विरुदावली             (iv) सूदन

                                     (v) पद्माकर 

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (i)      (iii)      (ii)       (iv)

(2)  (iv)    (v)       (i)       (iii)

(3)  (ii)     (i)      (iii)       (iv)

(4)  (iii)     (i)      (iv)      (v)

उत्तर (4)

34. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I                           सूची-II 

(a) प्रेमवाटिका               (i) रसखान 

(b) कवित्तरत्नाकर            (ii) सेनापति 

(c) रसरतन                (iii) पुहकर कवि 

(d) तिलशतक              (iv) मुबारक

                         (v) कादिर 

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (ii)     (iii)      (i)       (v)

(2)  (i)     (ii)       (iii)       (iv)

(3)  (v)     (i)       (iv)       (ii)

(4)  (iv)    (v)       (ii)       (i)

उत्तर (2)

35. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I                            सूची-II

(a) वनबेला           (i) रामनरेश त्रिपाठी 

(b) उत्तरा            (ii) सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’

(c) परिक्रमा         (iii) सुमित्रानंदन पंत 

(d) चित्राधार        (iv) महादेवी वर्मा

                  (v) जयशंकर प्रसाद 

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (i)      (ii)      (iii)     (iv)

(2)  (ii)     (iii)    (iv)       (v)

(3)  (iii)     (v)    (iv)       (ii)

(4)  (ii)     (iv)     (iii)      (v)

उत्तर (2)

36. निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I                               सूची-II

(a) प्रिय स्वतंत्र रव             (i) जयशंकर प्रसाद 

अमृत मंत्र नव

भारत में भर दे।

(b) इस पार प्रिये मधु          (ii) सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला 

है तुम हो

उस पार न जाने क्या होगा।

(c) अरे कहीं देखा है तुमने      (iii) हरिवंशराय बच्चन 

मुझे प्यार करने वाले को

(d) यह मंदिर का दीप         (iv) महादेवी वर्मा 

उसे नीरव जलने दो। 

                           (v) सुमित्रानंदन पंत

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (i)      (ii)      (iii)     (iv)

(2)  (iii)    (iv)    (v)       (i)

(3)  (ii)     (iii)    (i)       (iv)

(4)  (iv)     (i)     (ii)      (iii)

उत्तर (3)

37. निम्नलिखित पात्रों को उनसे संबद्ध कहानियों के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I                   सूची-II 

(a) जयदेव पुरी       (i) बलचनमा 

(b) चंद्रमाधव         (ii) झूठा-सच

(c) फूल बाबू         (iii) नाच्यौ बहुत गोपाल

(d) निर्गुनिया         (iv) नदी के द्वीप

                    (v) सूरज का सातवां घोड़ा

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (ii)      (iv)     (i)      (iii)

(2)  (i)      (ii)     (iii)      (iv)

(3)  (iii)    (i)      (ii)       (v)

(4)  (v)    (iii)     (iv)      (ii)

उत्तर (1)

38. निम्नलिखित पात्रों को उनसे संबद्ध कहानियों के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I                     सूची-II 

(a) आनंदी              (i) मंत्र

(b) दीनदयाल           (ii) सवासेर गेहूँ

(c) डॉ. जयपाल         (iii) जूलूस

(d) शंकर              (iv) बड़े घर की बेटी

                     (v) मूठ

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (i)      (ii)     (iii)      (iv)

(2)  (iv)    (iii)     (v)      (ii)

(3)  (iii)    (i)      (ii)       (v)

(4)  (ii)    (iv)     (i)      (iii)

उत्तर (3)

39. निम्नलिखित रचनाओं को उनके नाट्य रूपों के साथ सुमेलित कीजिये-

सूची-I                               सूची-II

(a) चंद्रावली                     (i) गीतिनाट्य 

(b) विषस्य विषमौषधम्           (ii) एकांकी 

(c) एक घूँट                    (iii) भाण

(d) करुणालय                  (iv) नाटिका

                             (v) प्रहसन

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (iv)    (iii)     (ii)       (i)

(2)  (i)      (ii)     (iii)      (iv)

(3)  (ii)    (iv)      (i)       (v)

(4)  (iii)    (i)     (iv)      (ii)

उत्तर (1)

40. निम्नलिखित आचार्यों को उनके ग्रंथों के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I                           सूची-II 

(a) अभिनवगुप्त          (i) सरस्वतीकण्ठाभरण

(b) राजशेखर            (ii) ध्वन्यालोकलोचन

(c) महिम भट्ट          (iii) काव्यप्रकाश

(d) भोजराज            (iv) काव्यमीमांसा

                       (v) व्यक्तिविवेक 

विकल्प :

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (iv)     (v)     (i)      (iii)

(2)  (iii)    (ii)     (v)       (i)

(3)  (ii)    (iv)      (v)       (i)

(4)  (i)    (iii)     (iv)      (ii)

उत्तर (3)

निर्देश : प्रश्न संख्या 41 से 45 तक के प्रश्नों में दो कथन दिए गए है। इनमें से एक स्थापना (Assertion) (A) है और दूसरा तर्क (Reason) (R) है। कोड में दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए-

41. स्थापना (Assertion) (A) : कविता आत्म प्रकाशन है, जो केवल कवि के हृदय को आनन्द प्रदान करती है।

तर्क (Reason) (R) : इसीलिए कविता को कवि की आत्मा का आलोक माना गया जो समस्त लोक को प्रकाशित करता है।

(1) (A) सही (R) गलत

(2) (A) गलत (R) सही

(3) (A) सही (R) सही

(4) (A) गलत (R) गलत

उत्तर (2)

42. स्थापना (Assertion) (A) : साहित्य समाज के सामूहिक हृदय का विकास है।

तर्क (Reason) (R) : इसलिए समाज में रहने वाले विभिन्न धर्मावलम्बियों की चित्तवृत्ति का इसमें अलग-अलग विकास होता है।

(1) (A) सही (R) गलत

(2) (A) सही (R) सही

(3) (A) गलत (R) सही

(4) (A) गलत (R) गलत

उत्तर (1)

43. स्थापना (Assertion) (A) : मिथक  सार्वकालिक और सार्वदेशिक होते हैं।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि सभी देशों की जातीय अस्मिता और विश्वास एक जैसे हैं।

(1) (A) गलत (R) गलत

(2) (A) सही (R) गलत 

(3) (A) गलत (R) सही

(4) (A) सही (R) सही

उत्तर (1)

44. स्थापना (Assertion) (A) : रहस्यभावना के लिए द्वैत की स्थिति भी आवश्यक है और अद्वैत का आभास भी।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि एक के आभाव में विरह की अनुभूति असम्भव हो जाती है और दूसरे के बिना मिलन की इच्छा आधार खो देती है।

(1) (A) सही (R) सही

(2) (A) सही (R) ग़लत

(3) (A) गलत (R) गलत

(4) (A) गलत (R) सही

उत्तर (1)

45. स्थापना (Assertion) (A) : भारतेन्दु युग आधुनिकता का प्रवेश द्वार है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि भारतेन्दु युगीन साहित्य में पश्चिमी संस्कृति के संघात से शुद्ध भारतीयता का उदय हुआ।

(1) (A) सही (R) गलत

(2) (A) गलत (R) गलत

(3) (A) सही (R) सही

(4) (A) गलत (R) सही

उत्तर (1)

निम्नलिखित अवतरण को ध्यान से पढ़िये और उससे संबंधित प्रश्नों (प्रश्न 46 से 50 ) के लिए दिए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए-

“फल की विशेष आसक्ति से कर्म के लाघव की वासना उत्पन्न होती है: चित्त में यही आता है कि कर्म बहुत कम या बहुत सरल करना पड़े और फल बहुत-सा मिल जाए। श्री कृष्ण ने कर्म-मार्ग से फलासक्ति की प्रबलता हटाने का बहुत ही स्पश्ट उपदेश दियाः पर उनके समझाने पर भी भारतवासी इस वासना से ग्रस्त होकर कर्म से तो उदास हो बैठे और फल के इतने पीछेपड़े कि गली में ब्राह्मण को एक पेठा देकर पुत्रकी आशा करने लगे, चार आने रोज का अनुष्ठान कराके व्यापार से लाभ शत्रु पर विजय, रोग से मुक्ति, धन-धान्य की वृद्धि तथा और भी न जाने क्या-क्या चाहने लगे। आसक्ति प्रस्तुत या उपस्थित वस्तु में ही ठीक कही जा सकती है। कर्म सामने उपस्थित रहता है। उससे आसक्ति उसी में चाहिए। फल दूर रहता है, उससे उसकी ओर कर्म का लक्ष्य काफी है। जिस आनंद से कर्म की उत्तेजना होती है और जो आनंद कर्म करते समय तक बराबर चला चलता है उसी का नाम उत्साह है।”

46. “फल की विशेष आसक्ति से कर्म के लाघव की वासना उत्पन्न होती है।” इस कथन के माध्यम से लेखक कहना चाहता है कि-

(1) कर्म करते समय फल के बारे में नहीं सोचना चाहिए।

(2) फल के बारे में अधिक आसक्ति से कर्म करने में रूचि घटती है।

(3) फल के बारे में अधिक आसक्ति से कर्म के प्रति उत्साह में इजाफा होता है।

(4) फल के लालच में जल्दी -जल्दी कर्म करना दुर्घटना का कारण हो सकता है।

उत्तर (2)

47. “श्री कृष्ण ने कर्म मार्ग से फ़लासक्ति की प्रबलता हटाने का बहुत ही स्पष्ट उपदेश दिया था।” से तात्पर्य है-

(1) श्री कृष्ण ने कहा था कि सिर्फ कर्म करते जाओ और और फल की चिन्ता न करो।

(2) श्री कृष्ण ने कहा था कि कर्म करते सिर्फ फल की चिंता न करो।

(3) श्रीकृष्ण ने कहा था कि यदि तुम निष्ठापूर्वक कर्म करोगे तो फल अवश्य मिलेगा।

(4) श्रीकृष्ण ने कहा था कि फल में आसक्ति की अधिकता कर्म के प्रति उत्साह में बाधक होती है।

उत्तर (4)

48. “आसक्ति प्रस्तुत या उपस्थित वस्तु में ही ठीक कही जा सकती है। क्योंकि-

(1) जो प्रस्तुत नहीं है उसकी इच्छा संकट का कारण बन सकती है।

(2) जो प्रस्तुत नहीं है उसमें रूचि पैदा नहीं हो सकती है।

(3) कर्म प्रस्तुत होता है इसलिए उसके प्रति रूचि स्वाभविक है।

(4) अप्रस्तुत की आकांक्षा मानसिक स्वास्थ्य की पहचान नहीं है।

उत्तर (3)

49. चार आने रोज का अनुष्ठान कराके व्यापार से लाभ की आशा करना गीता के विरुद्ध क्यों है?

(1) इसमें वासना मिली हुई है।

(2) इसमें कम खर्च करके ज्यादा प्राप्त करने की लालसा है।

(3) इस कर्म में उत्साह के साथ लोभ जुड़ा है।

(4) इसके पीछे अंधविश्वास है।

उत्तर (1)

50. उपर्युक्त अवतरण में ‘फल की विशेष आसक्ति’ से लेखक का क्या अभिप्राय है?

(1) कर्म के प्रति अत्यधिक अनुराग ।

(2) फल के प्रति अत्यधिक लोभ ।

(3) कर्म और फल दोनों के प्रति अत्यधिक लोभ ।

(4) कर्म के प्रति अनुराग और फल के प्रति उदासीनता।

उत्तर (2)

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