NET JRF Hindi Solved Paper – 2 December 2015 – नेट जेआरएफ़ हिन्दी हल प्रश्न पत्र

NET JRF Hindi Solved Paper – 2 December 2015 – नेट जेआरएफ़ हिन्दी हल प्रश्न पत्र

1. इसमें से किस बोली का बिहारी हिंदी से सम्बन्ध नहीं है? 

(1) अवधी 

(2) मगही 

(3) भोजपुरी 

(4) मैथिली 

उत्तर (1) 

2. “हिंदी साहित्य का अतीत” के लेखक हैं- 

(1) विश्वनाथ प्रसाद मिश्र 

(2) विश्वनाथ त्रिपाठी 

(3) श्यामसुन्दर दास 

(4) गणपतिचन्द्र गुप्त 

उत्तर (1) 

3. ‘दोहा’ (दूहा) मूलतः किस भाषा का छंद है ? 

(1) प्राकृत 

(2) अपभ्रंश 

(3) हिन्दी 

(4) संस्कृत 

उत्तर (2) 

4. “संदेसडउ सवित्थरउ हउँ कहणहँ असमत्थ। 

भण पिय इक्कति बलियडइ बेवि समाणा हत्थ ।।” 

उपर्युक्त दोहा किसका है? 

(1) नरपति नाल्ह 

(2) अब्दुर्रहमान 

(3) हेमचंद्र 

(4) शार्ङ्गधर 

उत्तर (2) 

5. “जो नर दुख में दुख नहिं मानै। 

सुख सनेह अरु भय नहिं जाके, कंचन माटी जानै।।” 

इन काव्य पंक्तियों के रचनाकार हैं- 

(1) सूरदास  

(2) गुरुनानक 

(3) कबीरदास 

(4) रैदास 

उत्तर (2) 

6. निम्नलिखित में से कौन ‘अष्टछाप’ का कवि नहीं है? 

(1) कुम्भनदास 

(2) कृष्णदास  

(3) छीतस्वामी 

(4) ध्रुवदास 

उत्तर (4) 

7. “तुम नीके दुहि जानत गैया । 

चलिए कुंवर रसिक मनमोहन लागौं तिहारे पैयाँ।।” 

इन काव्य पंक्तियों के रचनाकार हैं- 

(1) सूरदास 

(2) नंददास 

(3) परमानन्ददास 

(4) कुम्भनदास 

उत्तर (4) 

8. निम्नलिखित में से कौन ‘हनुमच्चरित्र’ का रचयिता है? 

(1) नाभादास  

(2) तुलसीदास 

(3) अग्रदास  

(4) रायमल्ल पांडे 

उत्तर (4) 

9. ‘ललित ललाम’ किसका ग्रंथ है? 

(1) जसवंत सिंह 

(2) पद्माकर 

(3) भूषण 

(4) मतिराम 

उत्तर (4) 

10. “डेल सो बनाय आय मेलत सभा के बीच 

    लेगन कबित्त कीबो खेल करि जानो है।” 

ये काव्य पंक्तियाँ किसकी हैं? 

(1) आलम 

(2) ठाकुर 

(3) बोधा 

(4) द्विजदेव 

उत्तर (3) 

11, निम्नलिखित में से कौन-सा लेखक भरतेंदु-मण्डल का नहीं है- 

(1) प्रताप नारायण मिश्र 

(2) बदरीनारायण चौधरी प्रेमघन 

(3) बालकृष्ण भट्ट 

(4) राजा लक्ष्मण सिंह 

उत्तर (4) 

12. ‘रसकलस’ किसकी रचना है? 

(1) श्रीधर पाठक 

(2) अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ 

(3) गयाप्रसाद शुक्ल ‘सनेही’ 

(4) मैथिलीशरण गुप्त 

उत्तर (2) 

13. निम्नलिखित पंक्तियाँ किस कवि की हैं? 

“क्या कहा मैं अपना खंडन करता हूँ? 

ठीक है तो, मैं अपना खंडन करता हूँ: 

मैं विराट् हूँ, मैं समूहों को समोये हूँ। 

(1) जयशंकर प्रसाद 

(2) सुमित्रानंदन पंत 

(3) सुर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ 

(4) रामधारीसिंह ‘दिनकर’ 

उत्तर (3) 

14. “आज मैं अकेला हूँ, अकेले रहा नहीं जाता 

    जीवन मिला है यह, रतन मिला है यह ” 

उपर्युक्त काव्य-पंक्तियाँ किस कवि की है? 

(1) त्रिलोचन 

(2) केदारनाथ 

(3) नागार्जुन 

(4) रघुवीर सहाय 

उत्तर (1) 

15. निम्नलिखित में से किस उपन्यास को स्त्री लेखन का प्रस्थान बिंदु माना जाता है? 

(1) मित्रो मरजानी 

(2) आवाँ 

(3) कठगुलाब 

(4) चाक 

उत्तर (1) 

16. निम्नलिखित में से दो समानान्तर कथा-प्रसंगों पर चलने वाला शंकरशेष का नाटक है- 

(1) कोमल गांधार  

(2) पोस्टर 

(3) एक और दोणाचार्य 

(4) अरे मायावी सरोवर 

उत्तर (3) 

17. “कविता करना अनन्त पुण्य का फल है। इस दुराशा और अनन्त उत्कण्ठा से कवि जीवन व्यतीत करने की इच्छा हुई।” 

यह संवाद-पंक्ति जयशंकर प्रसाद के किस नाटक की है? 

(1) चन्द्रगुप्त 

(2) ध्रुवस्वामिनी 

(3) स्कन्दगुप्त 

(4) राज्यश्री 

उत्तर (3) 

18. ‘ठेस कहानी के लेखक हैं- 

(1) अज्ञेय 

(2) अमरकांत 

(3) फणीश्वरनाथ रेणु 

(4) मोहन राकेश 

उत्तर (3) 

19. निम्नलिखित में से महावीर प्रसाद द्विवेदी का कथन कौन-सा है? 

(1) भाषा संसार का नादमय चित्र है, ध्वनियम स्वरूप है। 

(2) मनुष्यों की मुक्ति की तरह कविता की भी मुक्ति होती है। 

(3) कवित्व को आत्मा की अनुभूति कहते हैं। 

(4) अर्थ सौरस्य ही कविता का प्राण है। 

उत्तर (4) 

20. निम्नलिखित में से कौन-सी कृति आई.ए. रिचर्ड्स की नहीं है? 

(1) प्रिंसिपल्स ऑफ लिटरेरी क्रिटिसिज्म 

(2) द फिलॉसफी ऑफ रेटरिक 

(3) कल्चर एण्ड अनार्की  

(4) इंटरप्रटेशन इन टीचिंग 

उत्तर (3) 

21. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित कृतियों सही अनुक्रम है- 

(1) दोहाकोष, श्रावकाचार, संदेशरासक, कीर्तिलता 

(2) दोहाकोष, संदेशरासक, श्रावकाचार, कीर्तिलता 

(3) संदेशरासक, दोहाकोष, कीर्तिलता, श्रावकाचार 

(4) दोहाकोष, श्रावकाचार, कीर्तिलता, संदेशरासक 

उत्तर (1) 

22. रचनाकाल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है- 

(1) कुतबन, उसमान, नूर मुहम्मद, कासिमशाह 

(2) कुतबन, कासिमशाह, नूर मुहम्मद, उसमान 

(3) कुतबन, उसमान, कासिमशाह, नूर मुहम्मद 

(4) उसमान, कुतबन, कासिमशाह, नूर मुहम्मद 

उत्तर (3) 

23. रचनाकाल के अनुसार लिम्नलिखित काव्यकृतियों का सही क्रम है-

(1) ललित ललाम, भावविलास, श्रृंगार निर्णय, जगद् विनोद 

(2) ललित ललाम, श्रृंगार निर्णय, भावविलास, जगद् विनोद 

(3) ललित ललाम, जगद् विनोद, श्रृंगार निर्णय, भाव विलास 

(4) भावविलास, ललित ललाम, श्रृंगार निर्णय, जगद् विनोद 

उत्तर (1) 

24. जन्मकाल के अनुसार लिम्नलिखित कथाकारों का सही अनुक्रम है- 

(1) जैनेंद्र, भगवतीचरण वर्मा, अमृतलाल नागर, हजारी प्रसाद द्विवेदी 

(2) अमृतलाल नागर, हजारीप्रसाद द्विवेदी,भगवतीचरण वर्मा, जैनेंद्र 

(3) हजारीप्रसाद द्विवेदी, जैनेंद्र, भगवतीचरण वर्मा, अमृतलाल नागर 

(4) भगवतीचरण वर्मा, जैनेंद्र, हजारीप्रसाद द्विवेदी, अमृतलाल नागर 

उत्तर (4) 

25. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित कहानियों का सही अनुक्रम है- 

(1) इंदुमति, मक्रील, उसने कहा था, कफन 

(2) इंदुमती, उसने कहा था, मक्रील, कफन 

(3) इंदुमती, उसने कहा था, कफन, मक्रील 

(4) इंदुमती, कफन, उसने कहा था, मक्रील 

उत्तर (2) 

26. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित पत्रिकाओं का सही अनुक्रम है- 

(1) नया ज्ञानोदय, सारिका, आजकल, समकालीन भारतीय साहित्य 

(2) सारिका, आजकल, समकालीन भारतीय साहित्य, नया ज्ञानोदय 

(3) समकालीन भारतीय साहित्य, सारिका, आजकल, नया ज्ञानोदय 

(4) आजकल, सारिका, समकालीन भारतीय साहित्य, नया ज्ञानोदय 

उत्तर (4) 

27. प्रकाशन काल के आधार पर भीष्म साहनी के नाटकों का सही अनुक्रम है- 

(1) हानूश, माधवी, मुआवजे, आलमगीर 

(2) माधवी, आलमगीर, हानूश, मुआवजे 

(3) हानूश, मुआवजे, आलमगीर, माधवी 

(4) मुआवजे, हानूश. माधवी, आलमगीर 

उत्तर (1) 

28. प्रकाशन काल की दृष्टि से महिला नाटककारों के नाटकों का सही अनुक्रम है- 

(1) बिना दिवारों का घर, जो राम रचि राखा, ठहरा हुआ पानी, नेपथ्यराग 

(2) बिना दिवारों का घर, ठहरा हुआ पानी, जो राम रचि राखा, नेपथ्यराग 

(3) ठहरा हुआ पानी, बिना दिवारों का घर, नेपथ्यराग, जो राम रचि राखा 

(4) जो राम रचि राखा, नेपथ्यराग, बिना दिवारों का घर, ठहरा हुआ पानी 

उत्तर (2) 

29. प्रकाशान वर्ष के आधार पर निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है- 

(1) सम्पत्तिशास्त्र, साहित्यलोचन, संस्कृति के चार अध्याय, मध्यकालीन बोध का स्वरूप 

(2) साहित्यालोचन, सम्पत्तिशास्त्र, संस्कृति के चार अध्ययाय, मध्यकालीन बोध का स्वरूप 

(3) संस्कृति के चार अध्याय, सम्पत्तिशासत्र, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, साहित्यालोचन 

(4) सम्पत्तिशास्त्र, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, साहितयालोचन, संस्कृति के चार अध्याय 

उत्तर (1) 

30. रचनाकाल के आधार पर निम्नलिखित ग्रन्थों का सही अनुक्रम है- 

(1) ध्वन्यालोक, काव्यमीमांसा, काव्यदर्श, साहित्य दर्पण 

(2) काव्यादर्श, ध्वन्यालोक, काव्यमीमांसा, साहित्य दर्पण 

(3) काव्यादर्श, काव्यमीमांसा, ध्वन्यालोक, साहित्य दर्पण 

(4) ध्वन्यालोक, काव्यदर्श, साहित्य दर्पण, काव्यमीमांसा 

उत्तर (2) 

31. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए- 

सूची-I                                     सूची-II 

(a) हिन्दी साहित्य की भूमिका        (i) परशुराम चतुर्वेदी 

(b) हिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक  (ii) हजारी प्रसाद द्विवेदी  

इतिहास 

(c) उत्तरी भारत की संत परम्परा     (iii) बच्चन सिंह  

(d) हिन्दी साहित्य का दूसरा इतिहास  (iv) रामकुमार वर्मा 

                               (v) लक्ष्मी सागर वार्ष्णेय  

विकल्प : 

       (a)     (b)      (c)      (d) 

(1)  (i)     (ii)      (iv)       (v) 

(2)  (ii)     (iv)      (i)       (iii) 

(3)  (iii      (v)      (ii)       (iv) 

(4)  (v)      (i)      (iii)       (ii) 

उत्तर (2) 

32. निम्नलिखित संप्रदायों को उनके प्रवर्तकों के साथ सुमेलित कीजिए- 

सूची-1                                सूची-II  

(a) श्री संप्रदाय                 (i) रामानुजाचार्य 

(b) रुद्र संप्रदाय                (ii) मध्वाचार्य 

(c) सनकादि संप्रदाय           (iii) विष्णु स्वामी 

(d) राधा वल्लभी संप्रदाय        (iv) निम्बार्काचार्य 

                            (v) श्री हितजी 

विकल्प : 

       (a)     (b)      (c)      (d) 

(1)  (ii)     (iv)      (i)       (iii) 

(2)  (i)     (iii)      (iv)       (v) 

(3)  (iii)    (iv)       (i)       (ii) 

(4)  (iv)      (i)      (ii)       (iii) 

उत्तर (2) 

33. निम्नलिखित रचनाकारों को उनकी रचनाओं के साथ सुमेलित कीजिए: 

सूची-I                      सूची-II 

(a) चिंतामणि          (i) अंगदर्पण 

(b) मतिराम           (ii) शिवा बावनी

(c) भूषण             (iii) रस रहस्य 

(d) रसलीन            (iv) रस राज 

                     (v) काव्यप्रकाश 

विकल्प : 

    (a)     (b)      (c)      (d) 

(1)  (ii)     (iii)      (v)       (i) 

(2)  (iii)     (ii)      (i)       (iv) 

(3)  (iv)     (v)      (iii)       (ii) 

(4)  (v)      (iv)      (ii)       (i) 

उत्तर (4) 

34. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए- 

सूची-I                         सूची-II 

(a) कुमारपाल प्रतिबोध       (i) हेमचंद्र 

(b) प्रबंध चिंतामणि         (ii) जैनाचार्य मेरुतुंग 

(c) कुमारपाल चरित        (iii) सोमप्रभ सूरि 

(d) हम्मीर रासो           (iv) जगनिक 

                        (v) शार्ङ्गधर 

विकल्प : 

     (a)     (b)      (c)      (d) 

(1)  (iii)     (ii)      (i)       (v) 

(2)  (ii)     (iii)      (iv)       (i) 

(3)  (i)      (ii)      (iii)       (iv) 

(4)  (iv)      (i)       (ii)       (v) 

उत्तर (1) 

35. निम्नलिखित संपादकों को उनकी पत्रिकाओं के साथ सुमेलित कीजिए- 

सूची-1                          सूची-II  

(a) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र         (i) सरस्वती 

(b) प्रेमचन्द                 (ii) संगम 

(c) महावीर प्रसाद द्विवेदी     (iii) प्रतीक  

(d) अज्ञेय                  (iv) कविवचन सुधा 

                          (v) हंस 

विकल्प : 

       (a)     (b)      (c)      (d) 

(1)  (i)      (ii)      (iii)      (iv) 

(2)  (ii)     (iv)      (v)       (i) 

(3)  (iii)     (i)      (ii)       (v) 

(4)  (iv)     (v)      (i)       (iii) 

उत्तर (4) 

36. निम्नलिखित ग्रंथों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए- 

सूची-I                             सूची-II 

(a) काव्य और कला         (i) रघुवीर सिंह  

तथा अन्य निबंध  

(b) शेष स्मृतियाँ           (ii) धीरेन्द्र वर्मा  

(c) मेरी जीवनयात्रा         (iii) जयशंकर प्रसाद  

(d) श्रृंखला की कड़ियाँ      (iv) राहुल सांकृत्यायन 

                        (v) महादेवी वर्मा  

विकल्प : 

       (a)     (b)      (c)      (d) 

(1)  (v)     (ii)      (iii)       (i) 

(2)  (ii)     (iii)      (iv)       (i) 

(3)  (iii)     (i)      (iv)       (v) 

(4)  (iv)      (v)      (i)       (ii) 

उत्तर (3) 

37. निम्नलिखित पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए- 

सूची-1                                 सूची-II 

(a) कर्म का भाग भोग का             (i) निराला  

कर्म यही जड़ का चेतन आनन्द 

(b) होगी जय, होगी जय,             (ii) मुक्तिबोध 

हे पुरुषोत्तम नवीन। कह 

महाशक्ति राम के वदन में 

हुई लीन। 

(c) मौन भी अभिव्यंजना है,         (iii) जयशंकर प्रसाद 

 जितना तुम्हारा सच है 

उतना ही कहो।  

(d) परम अभिव्यक्ति लगातार       (iv) अज्ञेय 

घूमती है जग में पता नहीं जाने 

कहाँ, जाने कहाँ वह है। 

                               (v) धूमिल 

विकल्प : 

       (a)     (b)      (c)      (d) 

(1)  (ii)     (iii)      (iv)       (v) 

(2)  (iii)     (i)      (iv)       (ii) 

(3)  (i)      (iv)      (v)      (iii) 

(4)  (v)      (iii)     (ii)       (i) 

उत्तर (2) 

38. निम्नलिखित पात्रों को उनके नाटकों के साथ सुमेलित कीजिए- 

सूची-I                             सूची-II 

(a) पर्णदत्त          (i) सूर्य की अंतिम किरण 

                    से सूर्य की पहली किरण तक  

(b) हेरूप          (ii) स्कन्दगुप्त  

(c) ओक्काक      (iii) माधवी  

(d) गालव        (iv) कलंकी  

                (v) नरसिंह कथा  

विकल्प : 

       (a)     (b)      (c)      (d) 

(1)  (i)     (ii)      (iii)       (v) 

(2)  (ii)    (i)      (iii)       (iv) 

(3) (iv)    (iii)      (v)       (i) 

(4)  (ii)    (iv)      (i)       (iii) 

उत्तर (4) 

39.निम्नलिखित एकांकियों को उनके एकांकीकारों के सुमेलित कीजिए- 

सूची-I                                      सूची-II  

(a) जोंक                          (i) भुवनेश्वर प्रसाद 

(b) शिवाजी का सच्चा स्वरूप         (ii) रामकुमार वर्मा 

(c) प्रतिभा का विवाह               (iii) उपेन्द्रनाथ अश्क 

(d) पृथ्वीराज की आँखे              (iv) हरिकृष्ण प्रेमी 

                                 (v) सेठ गोविन्ददास 

विकल्प : 

       (a)     (b)      (c)      (d)

(1)  (iii)     (v)      (i)       (ii) 

(2)  (i)     (ii)      (iii)       (iv) 

(3) (v)     (iii)      (i)       (iv) 

(4)  (iii)    (i)      (ii)       (v) 

उत्तर (1) 

40. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए- 

सूची-I                             सूची-II 

(a) काव्य में अभिव्यंजनावाद     (i) मिश्रबन्धु 

(b) रसपीयूषनिधि              (ii) अयोध्या सिंह ‘हरिऔध’  

(c) रसकलस                  (iii) सोमनाथ 

(d) हिन्दी नवरत्न             (iv) लक्ष्मीनारायण ‘सुधाँशु’ 

                           (v) देव  

विकल्प : 

       (a)     (b)      (c)      (d) 

(1)  (i)     (iii)      (v)       (ii) 

(2)  (iii)    (i)      (iv)       (v) 

(3) (iv)    (iii)      (ii)       (i) 

(4)  (i)     (ii)      (iii)       (iv) 

उत्तर (3) 

निर्देश : प्रश्न संख्या 41 से 45 तक के प्रश्नों में दो कथन दिए गए हैं। इनमें से एक स्थापना  (Assertion) (A) है और दूसरा तर्क (Reason)(R) दिए गये विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए- 

41. स्थापना (Assertion) (A) : दो विरोधी मूल्यों के बीच भटकना और उससे उत्पन्न तनाव को झेलना ही आधुनिकता की एकमात्र पहचान है। 

तर्क (Reason) (R) : इसीलिए आधुनिक नाटककार मोहन राकेश के नाटकों में व्यक्ति-स्वातन्त्र्य और चयन की आजादी को महत्व मिला। 

विकल्पः 

(1) (A) सही (R) सही 

(2) (A) गलत (R) गलत 

(3) (A) गलत (R) सही 

(4) (A) सही (R) गलत 

उत्तर (3) 

42. स्थापना (Assertion) (A) : विभावादि के परिवर्तित स्वरूप के अनुसार रस के आस्वादन में विचित्रता नहीं आती। 

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि रस स्वयं में विभाव-निरपेक्ष होता है। 

विकल्पः 

(1) (A) गलत (R) गलत 

(2) (A) सही (R) सही 

(3) (A) सही (R) गलत 

(4) (A) गलत (R) सही 

उत्तर (1) 

43. स्थापना (Assertion) (A) : प्रतिमा के विस्फोट के लिए रसावेश की आवश्यकता है किन्तु सारे रसिक कवि नहीं बनते। 

तर्क (Reason) (R) : राजशेखर ने रचनात्मक प्रतिभा  को कारयित्री प्रतिभा कहा है जो कुछ ही लोगों में होती है। 

विकल्प: 

(1) (A) सही (R) सही 

(2) (A) सही (R) गलत 

(3) (A) गलत (R) गलत 

(4) (A) गलत (R) सही 

उत्तर (1) 

44. स्थापना (Assertion) (A) : गुण मुख्य रूप से रस के धर्म हैं पर इन्हें गौण रूप में शब्दार्थ के धर्म भी माना जाता है। 

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि गुण का निर्धारण शब्दार्थ से ही होता है। 

विकल्पः 

(1) (A) सही (R) सही 

(2) (A) गलत (R) गलत 

(3) (A) सही (R) गलत 

(4) (A) गलत (R) सही 

उत्तर (3) 

45. स्थापना (Assertion) (A) : कामायनी को रूपक काव्य भी कहा जाता है। 

तर्क (Reason) (R) क्योंकि इसमें रूपक अलंकार की बहुलता है। 

विकल्प: 

(1) (A) सही (R) सही 

(2) (A) सही (R) गलत 

(3) (A) गलत (R) सही 

(4) (A) गलत (R) गलत 

उत्तर (2) 

निर्देश: निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उससे संबंधित प्रश्नों (प्रश्नो 46 से 50 ) के दिए गए बहुविकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए- 

अतीत की स्मृति में मनुष्य के लिए स्वाभाविक आकर्षण है। अर्थपरायण लाख कहा करें कि ‘गडे मुर्दे उखाड़ने से क्या फायदा’ पर हृदय नहीं मानता,बार-बार अतीत की ओर जाता है: अपनी यह बुरी आदत नहीं छोड़ता। इसमें कुछ रहस्य आवश्य है। हृदय के लिए अतीत एक मुक्ति लोक है जहाँ वह अनेक प्रकार के बंधनों से छूटा रहता है और अपने शुद्ध रूप में विचरता है। वर्तमान हमें अंधा बनाए रहता है: अतीत बीच-बीच में हमारी आँ खेलता रहता है। मैं तो समझता हूँ कि जीवन का नित्य स्वरूप दिखाने वाला दर्पण मनुष्य के पीछे रहता है आगे तो बराबर खिसकता हुआ दीर्भद्य परदा रहता है। बीती बिसारने वाले ‘आगे की सुध रखने का दावा किया करे, परिणाम अशांति के अतिरिक्त और कुछ नहीं। वर्तमान को संभालने और आगे की रखने का डंका पीटने वाले संसार में जितने ही अधिक होते जाते हैं, संघ-शक्ति के प्रभाव से जीवन की उलझने उतनी ही बढ़ती जाती हैं। बीता बिसारने का अभिप्राय है जीवन की अखंडता और व्यापकताकी अनुभूति का का विसर्जनः सहृदयता भावुकता का भंग केवल अर्थ की निष्ठुर क्रीड़ा। 

46.अतीत की स्मृति में मनुष्य के लिए स्वाभाविक आकर्षण है, क्योंकि- 

(1) मनुष्य अतीत जीवी होता है। 

(2) मनुष्य वर्तमान से भागना चाहता है। 

(3) वहाँ मनुष्य अनेक प्रकार के बंधनों से मुक्त रहता है। 

(4) मनुष्य अर्थपरायण नहीं होता है। 

उत्तर (3) 

47. ‘वर्तमान हमें आधा बनाए रहता है’ इसका भाव है- 

(1) वर्तमान में बहुत-सी समस्याएँ रहती है।

(2) हम वर्तमान की समस्याओं में ही उलझे रहते हैं। 

(3) हमारी सारी समस्याएँ वर्तमान से संबद्ध रहती हैं। 

(4) हमें वर्तमान से प्रेम होता है। 

उत्तर (2) 

48. अशांति किसका परिणाम है? 

(1) वर्तमान से लगाव का। 

(2) वर्तमान की उपेक्षा का। 

(3) भविष्य की चिंता का। 

(4) अतीत की विस्मृति का। 

उत्तर (4) 

49. केवल अर्थ क्रीड़ा निष्ठुर है, क्योंकि- 

(1) वह उलझनों को बढ़ाती है। 

(2) वह अतीत की उपेक्षा करती है। 

(3) वह वर्तमान की अधिक चिंता करती है। 

(4) वह मनुष्य को सहृदय नहीं रहने देती है। 

उत्तर (4) 

50. जीवन का नित्य स्वरूप दिखाने वाला दर्पण क्या है? 

(1) अतीत की स्मृति। 

(2) अतीत का सुख। 

(3) अतीत का दुख। 

(4) अतीत का मोह । 

उत्तर (1)

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