Kalidas Ka Raghuvnsh Mahakavya – कालिदास का रघुवंश महाकाव्य एक दृष्टि में

Kalidas Ka Raghuvnsh Natak – कालिदास रचित रघुवंश नाटक के संदर्भ में विभिन्न तथ्यों को यहाँ साझा किया गया है। ये तथ्य आपकी परीक्षा से संबंधित पूछे जाने वाले प्रश्नों में काफी मदद करेंगे।

प्रणेता – महाकवि कालिदास

उपाधि– दीपशिखा कालिदास

जन्मकाल – ई. पू. प्रथम शताब्दी से चतुर्थ शताब्दी ई. के मध्य

जन्म स्थान – चमोली (उत्तराखंड) जिले के अंतर्गत मंदाकिनी के पार्श्ववर्ती सिद्ध पीठ कालीमठ के पास गाँव कविल्ठा में ।

कालिदास का घर का नाम – बन्दरू (बचपन में चंचल होने कारण)

इनके उपनाम – कालू, कालीचरण, कालिका प्रसाद, कालिकादत्त

रचनाएं 2 खंडकाव्य – ऋतुसंहारम् एवं मेघदूतम्

3 नाटक – मालविकाग्निमित्रम्, विक्रमोर्वशीयम्, अभिज्ञानशाकुंतलम्

2 महाकाव्य – रघुवंशम् तथा कुमार सम्भवम्

उपजीव्य – पद्मपुराण व रामायण

सर्गों की संख्या – 19 सर्ग

श्लोकों की संख्या – 1569 (सबसे ज्यादा श्लोक 12 वें सर्ग में 104, सबसे कम 18 वें सर्ग में 53)

सर्वाधिक प्रयुक्त छंद – उपजाति – 578, अनुष्टुप – 548, रथोद्धता – 147, वैतालीय – 91, वंशस्थ – 69,

द्रुतविलंबित – 54, वसंततिलका – 46, मालिनी – 10

इसमें दिए गए 31 राजाओं का क्रम –

(1) मनु (वैवस्त), (2) दिलीप, (3) रघु, (4) अज, (5) दशरथ, (6) राम, (7) लव, (8) कुश, (9) अतिथि, (10) निषध,

(11) नल, (12) नभ, (13) पुण्डरीक, (14) क्षेमधन्वा, (15) देवानीक, (16) अहीनग, (17) पारियात्र, (18) शिल,

(19) उन्नाभ, (20) वज्रणाभ, (21) शंखण, (22) व्युषिताश्व, (23) विश्वसह, (24) हिरण्यनाभ, (25) कौशल्य,

(26) ब्रहमिष्ठ, (27) पुत्र, (28) पुष्य (29) ध्रुवसंधि, (30) सुदर्शन, (31) अग्निवर्ण ।

रघुवंश के प्रमुख पात्र – दिलीप, सुदक्षिणा (दिलीप की पत्नी) कुलगुरु वशिष्ठ, कामधेनु, नंदिनी (कामधेनु की पुत्री)।

कुंभोदर (शिव का सेवक, वनरक्षक,नंदिनी पर आक्रमण करने वाला) इन्द्र, रघु, अज,

दशरथ,(अयोध्या के राजा), कौत्स व गुरु वरतन्तु, रावण, लक्ष्मण, लवण, वाल्मीकि आदि।

इसमें आने वाले रस – सभी रसों का समन्वय हुआ है। सम्भोग एवं विप्रलंभ शृंगार। अग्निवर्ण के विलास वर्णन में शृंगार।

रघु, अज, राम के युद्ध वर्णन में वीर रस।

रघुवंशम् का प्रारंभ – राजा दिलीप के वर्णन से।

रघुवंशम् की समाप्ति – अग्निवर्ण के विलासतापूर्ण वर्णन से।

रघुवंश महाकाव्य में किस राजा का वर्णन हुआ है?

Ans. राजा दिलीप का

रघुवंश महाकाव्य कितने सर्गों में बद्ध है?

Ans. 19 सर्गों में

कालिदास का घरेलू नाम क्या था?

Ans. बन्दरू

कालीदास के तीन नाटक कौन से हैं?

Ans. (1) मालविकाग्निमित्रम्, (2) विक्रमोर्वशीयम्, (3) अभिज्ञानशाकुंतलम् ।

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