Hindi ke Pramukh Rekhachitra Evam Sansmaran हिन्दी के प्रमुख रेखाचित्र एवं संस्मरण

Hindi ke Pramukh Rekhachitra Evam Sansmaran हिन्दी के प्रमुख रेखाचित्र एवं संस्मरण यहाँ दिये गये हैं। इस लिस्ट के माध्यम से आप हिन्दी साहित्य के अन्तर्गत आने वाले प्रमुख रेखाचित्र एवं संस्मरण दिये गये हैं। रेखाचित्र और लेखक रेखाचित्र लेखक (1) बोलती प्रतिमा (1937) श्रीराम शर्मा (1) अतीत के चलचित्र (1941), (2) स्मृति की रेखाएं … Read more

परिन्दे हिन्दी कहानी – Parinde Hindi Kahani

परिन्दे(प्रकाशित – 1957 में, हंस पत्रिका में) अँधेरे कॉरीडोर में चलते हुए लतिका ठिठक गयी। दीवार का सहारा लेकर उसने लैम्प की बत्ती बढ़ा दी। सीढ़ियों पर उसकी छाया एक बैडौल कटी-फटी आकृति खींचने लगी। सात नम्बर कमरे में लड़कियों की बातचीत और हँसी-ठहाकों का स्वर अभी तक आ रहा था। लतिका ने दरवाजा खटखटाया। … Read more

राजा निरबंसिया – Raja Nirbanshiya

राजा निरबंसिया(प्रकाशित – 1965 में, ‘कहानी’ पत्रिका में, गोपाल राय के अनुसार) “एक राजा निरबंसिया थे,” माँ कहानी सुनाया करती थीं। उनके आसपास ही चार-पाँच बच्चे अपनी मुट्ठियों में फूल दबाए कहानी समाप्त होने पर गौरी पर चढ़ाने के लिए उत्सुक-से बैठ जाते थे। आटे का सुन्दर-सा चौक पुरा होता, उसी चौक पर मिट्टी की … Read more

पिता हिन्दी कहानी – Pita Hindi Kahani

पिता(प्रकाशित – 1965) उसने अपने बिस्तरे का अंदाज लेने के लिए मात्र आध पल को बिजली जलाई। बिस्तरे फर्श पर बिछ हुए थे। उसकी स्त्री ने सोते सोते ही बड़बड़ाया, ‘आ गए’ और बच्चे की तरफ करवट लेकर चुप हो गई। लेट जाने पर उसे एक बड़ी डकार आती मालूम पड़ी, लेकिन उसने डकार ली … Read more

Inspector Matadeen Chand Par – इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर

इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर(प्रकाशित – 1970 में, ‘ठिठुरता हुआ गणतंत्र’ संग्रह में) वैज्ञानिक कहते हैं, चाँद पर जीवन नहीं है।पर सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मातादीन (डिपार्टमेंट में एम. डी. साब) कहते हैं – वैज्ञानिक झूठ बोलते हैं, वहाँ हमारे जैसे ही मनुष्यों की आबादी है।विज्ञान ने हमेशा इंस्पेक्टर मातादीन से मात खायी है। फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ … Read more

सिक्का बदल गया – Sikka Badal Gaya Hindi Kahani

सिक्का बदल गया(प्रकाशित – जुलाई, 1948 में, प्रतीक पत्रिका में) खद्दर की चादर ओढ़े, हाथ में माला लिए शाहनी जब दरिया के किनारे पहुँची तो पौ फट रही थी। आसमान के परदे पर लालिमा फैलती जा रही थी। शाहनी ने कपड़ेउतारकर एक ओर रक्खे और ‘श्रीराम, श्रीराम’ करती पानी में हो ली। अंजलि भरकर सूर्य … Read more

चीफ की दावत हिन्दी कहानी – Chief ki Dawat

चीफ की दावत(प्रकाशित – 1956) आज मिस्टर शामनाथ के घर चीफ की दावत थी।शामनाथ और उनकी धर्मपत्नी को पसीना पोंछने की फुर्सत न थी। पत्नी ड्रेसिंग गाउन पहने, उलझे हुए बालों का जूड़ा बनाए मुँह पर फैली हुई सूख और पाउडर को भूले और मिस्टर शामनाथ सिगरेट पर सिगरेट फूंकते हुए चीजों की फेहरिस्त हाथ … Read more

अमृतसर आ गया – Amritsar aa Gaya

अमृतसर आ गया…(प्रकाशित – 1917 में, ‘पटरियाँ’ कहानी संग्रह में) गाड़ी के डिब्बे में बहुत मुसाफिर नहीं थे। मेरे सामनेवाली सीट पर बैठे सरदार जी देर से मुझे लाम के किस्से सुनाते रहे थे। वह लाम के दिनों में बर्मा की लड़ाई में भाग ले चुके थे और बात-बात पर खी खी करके हँसते और … Read more

कोसी का घटवार – Kosi ka Ghatwar

कोसी का घटवार(प्रकाशित – जनवरी, 1957 में, कल्पना पत्रिका में) गुसाँई का मन चिलम में भी नहीं लगा। मिहल की छाँह में उठकर वह फिर एक बार घट (पनचक्की) के अंदर गया। अभी खप्पर में एक-चौथाई से भी अधिक गेहूँ शेष था। खप्पर में हाथ डालकर उसने व्यर्थ ही उलटा-पलटा और चक्की के पाटों के … Read more

गैंग्रीन हिन्दी कहानी – Gangrene

गैंग्रीन(प्रकाशित – मई, 1934) दोपहर में उस सूने आँगन में पैर रखते ही मुझे ऐसा जान पड़ा, मानो उस पर किसी शाप की छाया मॅडरा रही हो, उसके वातावरण में कुछ ऐसा अकथ्य, अस्पृश्य, किन्तु फिर भी बोझिल और प्रकम्पमय और घना-सा फैल रहा था….मेरी आहट सुनते ही मालती बाहर निकली। मुझे देखकर, पहचानकर उसकी … Read more

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