Budhchritam Mahakavya – बुद्धचरितम् एक दृष्टि में –

Budhchritam Mahakavya – बुद्धचरितम् एक दृष्टि में

इस महाकाव्य के रचनाकार महाकवि अश्वघोष हैं। यह 28 सर्गों का महाकाव्य है। जिसमें भगवान बुद्ध के जीवन, उपदेश तथा सिद्धांतों को काव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस महाकाव्य के रचनाकार और रचना दोनों परीक्षा के दृष्टिकोण से बहुत महत्व रखते हैं –

रचयिता महाकवि अश्वघोष
अन्य नाम आर्यभदन्त, बौद्धभिक्षु
माता सुवर्णाक्षी
जन्मस्थानससकेत (अयोध्या में)
समय 78 ई. लगभग पहली शताब्दी
काव्य प्रकार महाकाव्य
प्रयुक्त सर्गों की संख्या मूल रूप से 28 (चीनी, तिब्बती, संस्करण में) सर्ग किन्तु संस्कृत में 14
सर्ग ही मिलते हैं।
उपजीव्य ‘ललित विस्तर’ नामक बौद्ध ग्रंथ
प्रयुक्त रसप्रधान रस शांत
प्रयुक्त छंद प्रिय छंद अनुष्टुप व उपजाति छंद
प्रयुक्त अलंकार उपमा, रूपक, अनुप्रास, उत्प्रेक्षा
प्रमुख सूक्तियाँ(1) सर्वस्य लोके नियतो विनाश:
(2) कामसंज्ञं विषमाददीत
रचनाएं (1) बुद्धचरिम् (2) सौन्दरनन्द (3) शारिपुत्र-प्रकरण

महाकवि अश्वघोष की माता का क्या नाम था?

Ans. सुवर्णाक्षी ।

महाकवि अश्वघोष का जन्म कहाँ हुआ था?

Ans. साकेत ( अयोध्या)

बुद्धचरितम् का प्रधान रस क्या है?

Ans. शांत है।

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